गोठी कॉलोनी में शांतिलाल तातेड निवास पर हुए व्याख्यान
रिपोर्टर – कृष्णा राव
बैतूल । राजस्थान विहार के पूर्व तथा 5 महीने के चातुर्मास संपन्न होने के बाद गोठी कॉलोनी स्थित शांतिलाल तातेड के निवास पर डॉ.बिंदु प्रभा श्रीजी ने अपने व्याख्यान में फरमाया कि किसी से अपेक्षा मत करो, उपेक्षा कर दो, जहां अपेक्षा होगी, वहीं दुख होगा। अपेक्षा ही दुख की जननी है। कोई अपनी बात नहीं सुनता, न ही अपने को प्यार व मान सम्मान देता, अपनी बात नहीं मानता, अपनी कुशलता नहीं पूछता, अपने को भाव नहीं देता, यह अनाद्वेय कर्मों का उदय है। आर्त ध्यान नहीं करें, वह हमारे कर्मों की निर्जरा कर रहा है। कर्म करते जाओ, कुछ जिंदगी बीत गई है, बाकी बीत जाएगी।
इस अवसर पर म.सा के चातुर्मास पर दिलीप पगारिया द्वारा संपादित और सहलेखिका अलका तातेड द्वारा लिखित “शब्दों की भाव यात्रा” पुस्तक का म.सा द्वारा विमोचन किया गया। इस अवसर पर धनराज पगारिया, शांतिलाल तातेड, अरुण गोठी, अतुल पगारिया, जवरीलाल बैद, मुथा संस्था के सचिव मुकेश गोठी, उपस्थित थे। मौसम अनुकूल न होने पर म.सा.की दो दिन स्थिरता बढ़ सकती है। आज का मंगल प्रवचन सुधीश तातेड के निवास पर होगा। उक्त आशय की जानकारी सतीश पारख ने दी।







